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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, शुक्र, 4 जून 2032

शुक्र, 4 जून 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र अश्विनी, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:41 – दोपहर 12:18 है।

सूर्योदय
तड़के 5:52
सूर्यास्त
शाम 6:43
तिथि
एकादशी · सुबह 8:30 तक
नक्षत्र
अश्विनी · तड़के 5:09 तक
योग
आयुष्मान
करण
बालव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:41 – दोपहर 12:18
यमगंड
दोपहर 3:30 – शाम 5:07
गुलिक काल
सुबह 7:28 – सुबह 9:05
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
अमृत काल
दोपहर 1:06 – दोपहर 2:42

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आज बेंगलुरु में

शुक्र, 4 जून 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र अश्विनी, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:41 – दोपहर 12:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 5 जून 2032द्वादशीभरणीसुबह 9:05 – सुबह 10:41
रवि, 6 जून 2032त्रयोदशीकृत्तिकाशाम 5:07 – शाम 6:44
सोम, 7 जून 2032चतुर्दशीकृत्तिकासुबह 7:29 – सुबह 9:05
मंगल, 8 जून 2032अमावस्यारोहिणीदोपहर 3:31 – शाम 5:08
बुध, 9 जून 2032प्रतिपदामृगशिरादोपहर 12:19 – दोपहर 1:55
गुरु, 10 जून 2032द्वितीयाआर्द्रादोपहर 1:55 – दोपहर 3:32

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 4 जून 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 8:30 तक।

शुक्र, 4 जून 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; तड़के 5:09 तक।

शुक्र, 4 जून 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल सुबह 10:41 – दोपहर 12:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 4 जून 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:52 और सूर्यास्त शाम 6:43 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।