दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, सोम, 26 जनवरी 2032
सोम, 26 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:46 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:12 – सुबह 9:39 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:46
- सूर्यास्त
- शाम 6:17
- तिथि
- चतुर्दशी · दोपहर 3:52 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · रात 11:11 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- वणिज
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:12 – सुबह 9:39
- यमगंड
- सुबह 11:05 – दोपहर 12:32
- गुलिक काल
- दोपहर 1:58 – दोपहर 3:24
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:03 – दोपहर 12:51
- अमृत काल
- सुबह 7:29 – सुबह 8:55
आज बेंगलुरु में
सोम, 26 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:46 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:12 – सुबह 9:39 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 27 जनवरी 2032 | पूर्णिमा | पुष्य | दोपहर 3:25 – शाम 4:51 |
| बुध, 28 जनवरी 2032 | प्रतिपदा | आश्लेषा | दोपहर 12:32 – दोपहर 1:59 |
| गुरु, 29 जनवरी 2032 | द्वितीया | मघा | दोपहर 1:59 – दोपहर 3:25 |
| शुक्र, 30 जनवरी 2032 | तृतीया | मघा | सुबह 11:06 – दोपहर 12:32 |
| शनि, 31 जनवरी 2032 | चतुर्थी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 9:39 – सुबह 11:06 |
| रवि, 1 फ़रवरी 2032 | पंचमी | उत्तरा फाल्गुनी | शाम 4:53 – शाम 6:20 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 26 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; दोपहर 3:52 तक।
सोम, 26 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 11:11 तक।
सोम, 26 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 8:12 – सुबह 9:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 26 जनवरी 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:46 और सूर्यास्त शाम 6:17 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।