दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, शनि, 20 सितंबर 2031
शनि, 20 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र स्वाती, योग ब्रह्म और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:10 – सुबह 10:42 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:08
- सूर्यास्त
- शाम 6:17
- तिथि
- चतुर्थी · रात 11:49 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · रात 9:30 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- वणिज
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:10 – सुबह 10:42
- यमगंड
- दोपहर 1:44 – दोपहर 3:15
- गुलिक काल
- सुबह 6:08 – सुबह 7:39
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
- अमृत काल
- दोपहर 2:29 – शाम 4:00
आज बेंगलुरु में
शनि, 20 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र स्वाती, योग ब्रह्म और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:10 – सुबह 10:42 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 21 सितंबर 2031 | पंचमी | विशाखा | शाम 4:45 – शाम 6:16 |
| सोम, 22 सितंबर 2031 | षष्ठी | अनुराधा | सुबह 7:39 – सुबह 9:10 |
| मंगल, 23 सितंबर 2031 | सप्तमी | ज्येष्ठा | दोपहर 3:13 – शाम 4:44 |
| बुध, 24 सितंबर 2031 | अष्टमी | मूल | दोपहर 12:11 – दोपहर 1:42 |
| गुरु, 25 सितंबर 2031 | नवमी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 1:41 – दोपहर 3:12 |
| शुक्र, 26 सितंबर 2031 | दशमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 10:40 – दोपहर 12:10 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 20 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 11:49 तक।
शनि, 20 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; रात 9:30 तक।
शनि, 20 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 9:10 – सुबह 10:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 20 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 6:17 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।