दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, सोम, 14 अप्रैल 2031
सोम, 14 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग परिघ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:41 – सुबह 9:14 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:07
- सूर्यास्त
- शाम 6:32
- तिथि
- सप्तमी · सुबह 7:32 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा · दोपहर 12:38 तक
- योग
- परिघ
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:41 – सुबह 9:14
- यमगंड
- सुबह 10:47 – दोपहर 12:20
- गुलिक काल
- दोपहर 1:53 – दोपहर 3:26
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
- अमृत काल
- सुबह 6:54 – सुबह 8:27
आज बेंगलुरु में
सोम, 14 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग परिघ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:41 – सुबह 9:14 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 15 अप्रैल 2031 | नवमी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 3:26 – शाम 4:59 |
| बुध, 16 अप्रैल 2031 | दशमी | श्रवण | दोपहर 12:19 – दोपहर 1:52 |
| गुरु, 17 अप्रैल 2031 | एकादशी | धनिष्ठा | दोपहर 1:52 – दोपहर 3:25 |
| शुक्र, 18 अप्रैल 2031 | द्वादशी | शतभिषा | सुबह 10:45 – दोपहर 12:19 |
| शनि, 19 अप्रैल 2031 | त्रयोदशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:12 – सुबह 10:45 |
| रवि, 20 अप्रैल 2031 | चतुर्दशी | उत्तरा भाद्रपद | शाम 4:59 – शाम 6:32 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 14 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 7:32 तक।
सोम, 14 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; दोपहर 12:38 तक।
सोम, 14 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 7:41 – सुबह 9:14 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 14 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:07 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।