दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, सोम, 7 अप्रैल 2031
सोम, 7 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र हस्त, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:44 – सुबह 9:17 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:12
- सूर्यास्त
- शाम 6:31
- तिथि
- पूर्णिमा · रात 10:51 तक
- नक्षत्र
- हस्त · रात 10:44 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- विष्टि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:44 – सुबह 9:17
- यमगंड
- सुबह 10:49 – दोपहर 12:21
- गुलिक काल
- दोपहर 1:54 – दोपहर 3:26
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
- अमृत काल
- सुबह 6:58 – सुबह 8:30
आज बेंगलुरु में
सोम, 7 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र हस्त, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:44 – सुबह 9:17 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 8 अप्रैल 2031 | प्रतिपदा | चित्रा | दोपहर 3:26 – शाम 4:59 |
| बुध, 9 अप्रैल 2031 | द्वितीया | स्वाती | दोपहर 12:21 – दोपहर 1:53 |
| गुरु, 10 अप्रैल 2031 | तृतीया | विशाखा | दोपहर 1:53 – दोपहर 3:26 |
| शुक्र, 11 अप्रैल 2031 | चतुर्थी | अनुराधा | सुबह 10:48 – दोपहर 12:20 |
| शनि, 12 अप्रैल 2031 | पंचमी | ज्येष्ठा | सुबह 9:14 – सुबह 10:47 |
| रवि, 13 अप्रैल 2031 | षष्ठी | मूल | शाम 4:59 – शाम 6:32 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 7 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 10:51 तक।
सोम, 7 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 10:44 तक।
सोम, 7 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 7:44 – सुबह 9:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 7 अप्रैल 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:12 और सूर्यास्त शाम 6:31 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।