दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, बुध, 19 फ़रवरी 2031
बुध, 19 फ़रवरी 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग सिद्धि और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:33 – दोपहर 2:01 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:40
- सूर्यास्त
- शाम 6:26
- तिथि
- द्वादशी · तड़के 5:39 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · रात 10:16 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- तैतिल
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:33 – दोपहर 2:01
- यमगंड
- सुबह 8:08 – सुबह 9:37
- गुलिक काल
- सुबह 11:05 – दोपहर 12:33
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:04 – दोपहर 12:52
- अमृत काल
- सुबह 10:21 – सुबह 11:49
आज बेंगलुरु में
बुध, 19 फ़रवरी 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग सिद्धि और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:33 – दोपहर 2:01 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 20 फ़रवरी 2031 | चतुर्दशी | श्रवण | दोपहर 2:01 – दोपहर 3:30 |
| शुक्र, 21 फ़रवरी 2031 | अमावस्या | धनिष्ठा | सुबह 11:04 – दोपहर 12:33 |
| शनि, 22 फ़रवरी 2031 | प्रतिपदा | शतभिषा | सुबह 9:36 – सुबह 11:04 |
| रवि, 23 फ़रवरी 2031 | द्वितीया | पूर्वा भाद्रपद | शाम 4:58 – शाम 6:27 |
| सोम, 24 फ़रवरी 2031 | तृतीया | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 8:06 – सुबह 9:35 |
| मंगल, 25 फ़रवरी 2031 | चतुर्थी | रेवती | दोपहर 3:30 – शाम 4:58 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 19 फ़रवरी 2031 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; तड़के 5:39 तक।
बुध, 19 फ़रवरी 2031 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 10:16 तक।
बुध, 19 फ़रवरी 2031 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल दोपहर 12:33 – दोपहर 2:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 19 फ़रवरी 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:40 और सूर्यास्त शाम 6:26 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।