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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, मंगल, 31 दिसंबर 2030

मंगल, 31 दिसंबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग व्यतीपात और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:13 – शाम 4:38 है।

सूर्योदय
सुबह 6:41
सूर्यास्त
शाम 6:03
तिथि
सप्तमी · सुबह 6:54 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद · रात 9:04 तक
योग
व्यतीपात
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:13 – शाम 4:38
यमगंड
सुबह 9:31 – सुबह 10:57
गुलिक काल
दोपहर 12:22 – दोपहर 1:47
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
अमृत काल
सुबह 8:49 – सुबह 10:14

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आज बेंगलुरु में

मंगल, 31 दिसंबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग व्यतीपात और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:13 – शाम 4:38 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 1 जनवरी 2031अष्टमीरेवतीदोपहर 12:23 – दोपहर 1:48
गुरु, 2 जनवरी 2031नवमीअश्विनीदोपहर 1:48 – दोपहर 3:14
शुक्र, 3 जनवरी 2031दशमीभरणीसुबह 10:58 – दोपहर 12:23
शनि, 4 जनवरी 2031एकादशीकृत्तिकासुबह 9:33 – सुबह 10:58
रवि, 5 जनवरी 2031द्वादशीकृत्तिकाशाम 4:41 – शाम 6:06
सोम, 6 जनवरी 2031त्रयोदशीरोहिणीसुबह 8:08 – सुबह 9:34

सामान्य प्रश्न

मंगल, 31 दिसंबर 2030 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 6:54 तक।

मंगल, 31 दिसंबर 2030 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; रात 9:04 तक।

मंगल, 31 दिसंबर 2030 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल दोपहर 3:13 – शाम 4:38 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 31 दिसंबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:41 और सूर्यास्त शाम 6:03 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।