दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, मंगल, 29 अक्टूबर 2030
मंगल, 29 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र अनुराधा, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:26 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:12
- सूर्यास्त
- शाम 5:54
- तिथि
- तृतीया · शाम 4:10 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · दोपहर 2:23 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- तैतिल
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:58 – शाम 4:26
- यमगंड
- सुबह 9:07 – सुबह 10:35
- गुलिक काल
- दोपहर 12:03 – दोपहर 1:30
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
- अमृत काल
- सुबह 8:23 – सुबह 9:51
आज बेंगलुरु में
मंगल, 29 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र अनुराधा, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:26 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 30 अक्टूबर 2030 | चतुर्थी | ज्येष्ठा | दोपहर 12:03 – दोपहर 1:30 |
| गुरु, 31 अक्टूबर 2030 | पंचमी | मूल | दोपहर 1:30 – दोपहर 2:58 |
| शुक्र, 1 नवंबर 2030 | षष्ठी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 10:35 – दोपहर 12:03 |
| शनि, 2 नवंबर 2030 | सप्तमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 9:08 – सुबह 10:35 |
| रवि, 3 नवंबर 2030 | नवमी | श्रवण | शाम 4:25 – शाम 5:52 |
| सोम, 4 नवंबर 2030 | दशमी | धनिष्ठा | सुबह 7:41 – सुबह 9:08 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 29 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; शाम 4:10 तक।
मंगल, 29 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; दोपहर 2:23 तक।
मंगल, 29 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 29 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:12 और सूर्यास्त शाम 5:54 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।