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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, रवि, 10 मार्च 2030

रवि, 10 मार्च 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र कृत्तिका, योग इन्द्र और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:29 है।

सूर्योदय
सुबह 6:30
सूर्यास्त
शाम 6:29
तिथि
षष्ठी · रात 10:29 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · रात 2:46 तक
योग
इन्द्र
करण
कौलव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:59 – शाम 6:29
यमगंड
दोपहर 12:30 – दोपहर 1:59
गुलिक काल
दोपहर 3:29 – शाम 4:59
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 – दोपहर 12:48
अमृत काल
दोपहर 1:14 – दोपहर 2:44

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आज बेंगलुरु में

रवि, 10 मार्च 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र कृत्तिका, योग इन्द्र और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:29 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 11 मार्च 2030सप्तमीरोहिणीसुबह 7:59 – सुबह 9:29
मंगल, 12 मार्च 2030अष्टमीरोहिणीदोपहर 3:29 – शाम 4:59
बुध, 13 मार्च 2030नवमीमृगशिरादोपहर 12:29 – दोपहर 1:59
गुरु, 14 मार्च 2030दशमीआर्द्रादोपहर 1:59 – दोपहर 3:29
शुक्र, 15 मार्च 2030दशमीपुनर्वसुसुबह 10:58 – दोपहर 12:28
शनि, 16 मार्च 2030एकादशीपुष्यसुबह 9:27 – सुबह 10:57

सामान्य प्रश्न

रवि, 10 मार्च 2030 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 10:29 तक।

रवि, 10 मार्च 2030 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; रात 2:46 तक।

रवि, 10 मार्च 2030 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 10 मार्च 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:30 और सूर्यास्त शाम 6:29 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।