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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, शनि, 23 फ़रवरी 2030

शनि, 23 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र स्वाती, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल सुबह 9:35 – सुबह 11:04 है।

सूर्योदय
सुबह 6:38
सूर्यास्त
शाम 6:27
तिथि
षष्ठी · रात 10:34 तक
नक्षत्र
स्वाती · शाम 5:46 तक
योग
गण्ड
करण
गर
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:35 – सुबह 11:04
यमगंड
दोपहर 2:01 – दोपहर 3:30
गुलिक काल
सुबह 6:38 – सुबह 8:07
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:03 – दोपहर 12:51
अमृत काल
दोपहर 2:45 – शाम 4:14

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आज बेंगलुरु में

शनि, 23 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र स्वाती, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल सुबह 9:35 – सुबह 11:04 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 24 फ़रवरी 2030सप्तमीविशाखाशाम 4:58 – शाम 6:27
सोम, 25 फ़रवरी 2030अष्टमीअनुराधासुबह 8:06 – सुबह 9:35
मंगल, 26 फ़रवरी 2030नवमीज्येष्ठादोपहर 3:30 – शाम 4:59
बुध, 27 फ़रवरी 2030दशमीमूलदोपहर 12:32 – दोपहर 2:01
गुरु, 28 फ़रवरी 2030एकादशीपूर्वाषाढ़ादोपहर 2:01 – दोपहर 3:30
शुक्र, 1 मार्च 2030द्वादशीउत्तराषाढ़ासुबह 11:02 – दोपहर 12:32

सामान्य प्रश्न

शनि, 23 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 10:34 तक।

शनि, 23 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; शाम 5:46 तक।

शनि, 23 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल सुबह 9:35 – सुबह 11:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 23 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:27 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।