दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, शुक्र, 15 फ़रवरी 2030
शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:42 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:05 – दोपहर 12:33 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:42
- सूर्यास्त
- शाम 6:25
- तिथि
- द्वादशी · दोपहर 1:39 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · रात 2:32 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- बालव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:05 – दोपहर 12:33
- यमगंड
- दोपहर 3:29 – शाम 4:57
- गुलिक काल
- सुबह 8:10 – सुबह 9:37
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:04 – दोपहर 12:52
- अमृत काल
- दोपहर 1:17 – दोपहर 2:45
आज बेंगलुरु में
शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:42 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:05 – दोपहर 12:33 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 16 फ़रवरी 2030 | त्रयोदशी | पुष्य | सुबह 9:37 – सुबह 11:05 |
| रवि, 17 फ़रवरी 2030 | चतुर्दशी | आश्लेषा | शाम 4:57 – शाम 6:25 |
| सोम, 18 फ़रवरी 2030 | पूर्णिमा | मघा | सुबह 8:09 – सुबह 9:37 |
| मंगल, 19 फ़रवरी 2030 | प्रतिपदा | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 3:29 – शाम 4:58 |
| बुध, 20 फ़रवरी 2030 | द्वितीया | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 12:33 – दोपहर 2:01 |
| गुरु, 21 फ़रवरी 2030 | तृतीया | हस्त | दोपहर 2:01 – दोपहर 3:30 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; दोपहर 1:39 तक।
शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 2:32 तक।
शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 11:05 – दोपहर 12:33 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:42 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।