दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, सोम, 3 नवंबर 2031
सोम, 3 नवंबर 2031 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मृगशिरा, योग परिघ और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:09 – सुबह 9:34 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:45
- सूर्यास्त
- शाम 6:00
- तिथि
- चतुर्थी · शाम 4:16 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा · रात 8:33 तक
- योग
- परिघ
- करण
- बालव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:09 – सुबह 9:34
- यमगंड
- सुबह 10:58 – दोपहर 12:23
- गुलिक काल
- दोपहर 1:47 – दोपहर 3:11
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- सुबह 7:27 – सुबह 8:52
आज अहमदाबाद में
सोम, 3 नवंबर 2031 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मृगशिरा, योग परिघ और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:09 – सुबह 9:34 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 4 नवंबर 2031 | पंचमी | आर्द्रा | दोपहर 3:11 – शाम 4:35 |
| बुध, 5 नवंबर 2031 | षष्ठी | पुनर्वसु | दोपहर 12:23 – दोपहर 1:47 |
| गुरु, 6 नवंबर 2031 | सप्तमी | पुष्य | दोपहर 1:47 – दोपहर 3:11 |
| शुक्र, 7 नवंबर 2031 | अष्टमी | आश्लेषा | सुबह 10:59 – दोपहर 12:23 |
| शनि, 8 नवंबर 2031 | नवमी | आश्लेषा | सुबह 9:35 – सुबह 10:59 |
| रवि, 9 नवंबर 2031 | दशमी | मघा | शाम 4:34 – शाम 5:57 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 3 नवंबर 2031 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; शाम 4:16 तक।
सोम, 3 नवंबर 2031 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 8:33 तक।
सोम, 3 नवंबर 2031 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल सुबह 8:09 – सुबह 9:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 3 नवंबर 2031 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:45 और सूर्यास्त शाम 6:00 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।