दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, रवि, 3 नवंबर 2030
रवि, 3 नवंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र श्रवण, योग शूल और करण बालव है। राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:00 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:45
- सूर्यास्त
- शाम 6:00
- तिथि
- नवमी · रात 3:56 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · सुबह 6:38 तक
- योग
- शूल
- करण
- बालव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:36 – शाम 6:00
- यमगंड
- दोपहर 12:23 – दोपहर 1:47
- गुलिक काल
- दोपहर 3:11 – शाम 4:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- दोपहर 1:05 – दोपहर 2:29
आज अहमदाबाद में
रवि, 3 नवंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र श्रवण, योग शूल और करण बालव है। राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:00 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 4 नवंबर 2030 | दशमी | धनिष्ठा | सुबह 8:10 – सुबह 9:34 |
| मंगल, 5 नवंबर 2030 | एकादशी | शतभिषा | दोपहर 3:11 – शाम 4:35 |
| बुध, 6 नवंबर 2030 | द्वादशी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 12:23 – दोपहर 1:47 |
| गुरु, 7 नवंबर 2030 | त्रयोदशी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:47 – दोपहर 3:10 |
| शुक्र, 8 नवंबर 2030 | चतुर्दशी | रेवती | सुबह 10:59 – दोपहर 12:23 |
| शनि, 9 नवंबर 2030 | चतुर्दशी | अश्विनी | सुबह 9:36 – सुबह 10:59 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 3 नवंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 3:56 तक।
रवि, 3 नवंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; सुबह 6:38 तक।
रवि, 3 नवंबर 2030 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 3 नवंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:45 और सूर्यास्त शाम 6:00 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।