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दैनिक पंचांग

अहमदाबाद पंचांग, रवि, 3 फ़रवरी 2030

रवि, 3 फ़रवरी 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 7:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सिद्धि और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल शाम 5:04 – शाम 6:28 है।

सूर्योदय
सुबह 7:18
सूर्यास्त
शाम 6:28
तिथि
प्रतिपदा · रात 8:45 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · तड़के 4:11 तक
योग
सिद्धि
करण
किंस्तुघ्न
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:04 – शाम 6:28
यमगंड
दोपहर 12:53 – दोपहर 2:17
गुलिक काल
दोपहर 3:41 – शाम 5:04
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:25 – दोपहर 1:13
अमृत काल
दोपहर 1:35 – दोपहर 2:59

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आज अहमदाबाद में

रवि, 3 फ़रवरी 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 7:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सिद्धि और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल शाम 5:04 – शाम 6:28 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

अहमदाबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 4 फ़रवरी 2030द्वितीयाशतभिषासुबह 8:42 – सुबह 10:05
मंगल, 5 फ़रवरी 2030तृतीयापूर्वा भाद्रपददोपहर 3:41 – शाम 5:05
बुध, 6 फ़रवरी 2030चतुर्थीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:53 – दोपहर 2:18
गुरु, 7 फ़रवरी 2030पंचमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 2:18 – दोपहर 3:42
शुक्र, 8 फ़रवरी 2030षष्ठीरेवतीसुबह 11:29 – दोपहर 12:53
शनि, 9 फ़रवरी 2030सप्तमीअश्विनीसुबह 10:04 – सुबह 11:29

सामान्य प्रश्न

रवि, 3 फ़रवरी 2030 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 8:45 तक।

रवि, 3 फ़रवरी 2030 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; तड़के 4:11 तक।

रवि, 3 फ़रवरी 2030 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?

अहमदाबाद में राहु काल शाम 5:04 – शाम 6:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 3 फ़रवरी 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 7:18 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।