मुहूर्त
वाहन क्रय मुहूर्त
नया वाहन खरीदने या उसकी डिलीवरी लेने के लिए शुभ दिन देखना कई परिवारों की परंपरा है। यात्रा के लिए उपयुक्त चर और लघु नक्षत्र पसंद किए जाते हैं।
- शुभ नक्षत्र
- अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती
- शुभ तिथियाँ
- द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी
- जाँचा गया शहर
- चेन्नई
वाहन क्रय के बारे में
नया वाहन खरीदने या उसकी डिलीवरी लेने के लिए शुभ दिन देखना कई परिवारों की परंपरा है। यात्रा के लिए उपयुक्त चर और लघु नक्षत्र पसंद किए जाते हैं।
डिलीवरी के दिन
नए वाहन को पहले मंदिर ले जाकर पूजा कराई जाती है, माला पहनाई जाती है और नारियल फोड़ा जाता है। पहियों के नीचे नींबू रखकर उन पर से वाहन चलाना सुरक्षित यात्रा की लोकप्रिय रीति है।
नक्षत्र और वार
अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती पसंद किए जाते हैं; मंगलवार और शनिवार प्रायः टाले जाते हैं।
सुरक्षित यात्रा के लिए
वाहन में कुलदेवता या गणेश जी का छोटा चित्र रखना और पहली यात्रा मंदिर तक करना परंपरा है। चाबी लेते समय राहुकाल से बचकर शुभ होरा चुनना अच्छा है।
वाहन क्रय के शास्त्रीय नियम
शुभ नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती। शुभ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी। वर्जित: रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अमावस्या।
तिथियाँ कैसे चुनी जाती हैं
यह सूची चेन्नई में सूर्योदय के समय इस संस्कार के लिए अनुकूल नक्षत्र और तिथि वाले दिन दिखाती है। पूर्ण मुहूर्त में वार, योग, करण, कार्य के समय का लग्न, राहुकाल और संबंधित लोगों की कुंडली भी देखी जाती है; इसलिए इस सूची से दिन छाँटें और सटीक समय मुहूर्त खोज से तय करें।
| दिनांक | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|
| बुध, 21 अक्टूबर 2026 | धनिष्ठा | दशमी |
| शुक्र, 30 अक्टूबर 2026 | मृगशिरा | पंचमी |
| रवि, 1 नवंबर 2026 | पुनर्वसु | सप्तमी |
| शनि, 7 नवंबर 2026 | चित्रा | त्रयोदशी |
| बुध, 11 नवंबर 2026 | अनुराधा | द्वितीया |
| सोम, 16 नवंबर 2026 | श्रवण | सप्तमी |
| रवि, 22 नवंबर 2026 | रेवती | त्रयोदशी |
| गुरु, 26 नवंबर 2026 | मृगशिरा | द्वितीया |
| शुक्र, 4 दिसंबर 2026 | हस्त | एकादशी |
| रवि, 6 दिसंबर 2026 | स्वाती | त्रयोदशी |
| सोम, 14 दिसंबर 2026 | श्रवण | पंचमी |
| शनि, 19 दिसंबर 2026 | रेवती | दशमी |
सामान्य प्रश्न
वाहन क्रय के लिए कौन से नक्षत्र शुभ हैं?
परंपरा के अनुसार वाहन क्रय के लिए शुभ नक्षत्र हैं: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती।
वाहन क्रय के लिए कौन सी तिथियाँ शुभ हैं?
शुभ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी (हर पक्ष में गिनी जाती हैं)।
वाहन क्रय में किन बातों से बचना चाहिए?
शास्त्रीय सूचियाँ इनसे बचने को कहती हैं: रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अमावस्या।
क्या ये तिथियाँ हर शहर के लिए मान्य हैं?
तिथियाँ चेन्नई के सूर्योदय पर जाँची गई हैं। नक्षत्र और तिथि का परिवर्तन हर जगह एक ही क्षण होता है पर स्थानीय समय अलग होता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग देखें।
क्या व्यक्तिगत मुहूर्त फिर भी ज़रूरी है?
बड़े संस्कारों के लिए हाँ। तारा बल, चन्द्र बल और कार्य का लग्न संबंधित लोगों की कुंडली से तय होते हैं।
सूची में कितनी तिथियाँ हैं?
अगले साठ दिनों में वे बारह तक दिन, जिनमें नक्षत्र और तिथि दोनों नियम मिलते हैं।
क्या राहुकाल देखा गया है?
राहुकाल पूरे दिन का नियम नहीं, दिन का एक खंड है। सटीक समय तय करते समय उससे बचें; हर तिथि के पंचांग पृष्ठ पर वह दिया है।
क्या दूसरे संस्कारों के लिए भी खोज सकते हैं?
हाँ। मुहूर्त खोज कई और कार्यों के लिए दिन क्रम से दिखाती है और आप अपना जन्म विवरण भी जोड़ सकते हैं।
क्या वाहन क्रय का मुहूर्त हमारी कुंडली के अनुसार बदला जा सकता है?
हाँ। सामान्य मुहूर्त सबके लिए शुभ समय दिखाता है; परिवार के ज्योतिषी संबंधित लोगों के जन्म नक्षत्र और चल रही दशा देखकर उनमें से सबसे अच्छा समय चुनते हैं।
शुभ दिन न मिले तो वाहन क्रय कैसे करें?
उपलब्ध दिनों में सबसे अच्छा दिन चुनकर, गणेश और कुलदेवता की पूजा से आरंभ करें, और मुख्य क्षण को बलवान लग्न या अभिजित मुहूर्त में रखें, यही परंपरा है।
वाहन क्रय के लिए दिन का कौन सा समय अच्छा है?
प्रायः प्रातः या पूर्वाह्न का समय पसंद किया जाता है। राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल से बचकर शुभ होरा में आरंभ करना परंपरा है।