मुहूर्त
गृह प्रवेश मुहूर्त
नए घर में पहली बार प्रवेश करने का संस्कार गृह प्रवेश है। घर में शांति और समृद्धि बनी रहे, इसलिए वास्तु शांति के साथ शुभ मुहूर्त में प्रवेश की परंपरा है।
- शुभ नक्षत्र
- रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, उत्तराषाढा, उत्तर भाद्रपद, रेवती
- शुभ तिथियाँ
- द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी
- जाँचा गया शहर
- चेन्नई
गृह प्रवेश के बारे में
नए घर में पहली बार प्रवेश करने का संस्कार गृह प्रवेश है। घर में शांति और समृद्धि बनी रहे, इसलिए वास्तु शांति के साथ शुभ मुहूर्त में प्रवेश की परंपरा है।
विधि का क्रम
गणेश पूजन और वास्तु शांति हवन से आरंभ होता है, फिर गृहलक्ष्मी जल या चावल से भरा कलश लेकर दाहिना पैर आगे रखते हुए सबसे पहले प्रवेश करती हैं। नए चूल्हे पर दूध उफनाया जाता है और पहला भोजन भगवान को अर्पित होता है।
दिन का चयन
उत्तरायण, स्थिर लग्न और रोहिणी, मृगशिरा, तीनों उत्तरा, रेवती जैसे नक्षत्र श्रेष्ठ हैं। खरमास और चातुर्मास से प्रायः बचा जाता है।
प्रवेश के बाद
गृह प्रवेश की रात घर में ही रहना और घर को सूना न छोड़कर दीपक जलाए रखना परंपरा है। संबंधियों को भोजन कराना और गाय तथा भूखे को भोजन देना घर में समृद्धि लाता है।
गृह प्रवेश के शास्त्रीय नियम
शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, उत्तराषाढा, उत्तर भाद्रपद, रेवती। शुभ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी। वर्जित: रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अमावस्या, मंगलवार।
तिथियाँ कैसे चुनी जाती हैं
यह सूची चेन्नई में सूर्योदय के समय इस संस्कार के लिए अनुकूल नक्षत्र और तिथि वाले दिन दिखाती है। पूर्ण मुहूर्त में वार, योग, करण, कार्य के समय का लग्न, राहुकाल और संबंधित लोगों की कुंडली भी देखी जाती है; इसलिए इस सूची से दिन छाँटें और सटीक समय मुहूर्त खोज से तय करें।
| दिनांक | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|
| शनि, 24 अक्टूबर 2026 | उत्तरा भाद्रपद | त्रयोदशी |
| शुक्र, 30 अक्टूबर 2026 | मृगशिरा | पंचमी |
| गुरु, 5 नवंबर 2026 | उत्तरा फाल्गुनी | एकादशी |
| शनि, 7 नवंबर 2026 | चित्रा | त्रयोदशी |
| बुध, 11 नवंबर 2026 | अनुराधा | द्वितीया |
| शनि, 21 नवंबर 2026 | उत्तरा भाद्रपद | एकादशी |
| रवि, 22 नवंबर 2026 | रेवती | त्रयोदशी |
| गुरु, 26 नवंबर 2026 | मृगशिरा | द्वितीया |
| गुरु, 3 दिसंबर 2026 | उत्तरा फाल्गुनी | दशमी |
| शुक्र, 4 दिसंबर 2026 | हस्त | एकादशी |
| रवि, 6 दिसंबर 2026 | स्वाती | त्रयोदशी |
| शनि, 12 दिसंबर 2026 | उत्तराषाढ़ा | तृतीया |
सामान्य प्रश्न
गृह प्रवेश के लिए कौन से नक्षत्र शुभ हैं?
परंपरा के अनुसार गृह प्रवेश के लिए शुभ नक्षत्र हैं: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, उत्तराषाढा, उत्तर भाद्रपद, रेवती।
गृह प्रवेश के लिए कौन सी तिथियाँ शुभ हैं?
शुभ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी (हर पक्ष में गिनी जाती हैं)।
गृह प्रवेश में किन बातों से बचना चाहिए?
शास्त्रीय सूचियाँ इनसे बचने को कहती हैं: रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अमावस्या, मंगलवार।
क्या ये तिथियाँ हर शहर के लिए मान्य हैं?
तिथियाँ चेन्नई के सूर्योदय पर जाँची गई हैं। नक्षत्र और तिथि का परिवर्तन हर जगह एक ही क्षण होता है पर स्थानीय समय अलग होता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग देखें।
क्या व्यक्तिगत मुहूर्त फिर भी ज़रूरी है?
बड़े संस्कारों के लिए हाँ। तारा बल, चन्द्र बल और कार्य का लग्न संबंधित लोगों की कुंडली से तय होते हैं।
सूची में कितनी तिथियाँ हैं?
अगले साठ दिनों में वे बारह तक दिन, जिनमें नक्षत्र और तिथि दोनों नियम मिलते हैं।
क्या राहुकाल देखा गया है?
राहुकाल पूरे दिन का नियम नहीं, दिन का एक खंड है। सटीक समय तय करते समय उससे बचें; हर तिथि के पंचांग पृष्ठ पर वह दिया है।
क्या दूसरे संस्कारों के लिए भी खोज सकते हैं?
हाँ। मुहूर्त खोज कई और कार्यों के लिए दिन क्रम से दिखाती है और आप अपना जन्म विवरण भी जोड़ सकते हैं।
क्या गृह प्रवेश का मुहूर्त हमारी कुंडली के अनुसार बदला जा सकता है?
हाँ। सामान्य मुहूर्त सबके लिए शुभ समय दिखाता है; परिवार के ज्योतिषी संबंधित लोगों के जन्म नक्षत्र और चल रही दशा देखकर उनमें से सबसे अच्छा समय चुनते हैं।
शुभ दिन न मिले तो गृह प्रवेश कैसे करें?
उपलब्ध दिनों में सबसे अच्छा दिन चुनकर, गणेश और कुलदेवता की पूजा से आरंभ करें, और मुख्य क्षण को बलवान लग्न या अभिजित मुहूर्त में रखें, यही परंपरा है।
गृह प्रवेश के लिए दिन का कौन सा समय अच्छा है?
प्रायः प्रातः या पूर्वाह्न का समय पसंद किया जाता है। राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल से बचकर शुभ होरा में आरंभ करना परंपरा है।