Skip to content

Practice

Jaadhagam

Enter birth details, choose tradition and style, then Cast.

Choose your regional Panchang school (Drik or Vakya) to see its values here. The two are never mixed.

Birth details

The chart style follows your chosen language.

Gender

Tradition

Chart style

Ari TauLagna Gem Can Leo Vir Lib Sco Sag Cap Aqu Pis Your chartAdd your birth details to see it

Enter your birth details to draw your chart

Choose your format

Choose the depth

मुफ़्त जन्म कुंडली

आपकी मुफ़्त जन्म कुंडली, समझाकर

जन्म कुंडली या जन्मपत्री उस क्षण के आकाश का नक्शा है जब आपका जन्म हुआ। जन्म तिथि, समय और स्थान भरते ही लग्न, चंद्र राशि, नक्षत्र, ग्रह-स्थिति, वर्ग कुंडलियाँ और दशाएँ दिखती हैं, हर एक के साथ छोटी-सी व्याख्या।

कुंडली क्या दिखाती है

कुंडली आकाश को बारह राशियों और बारह भावों में बाँटती है। जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर जो राशि उदय हो रही थी, वही लग्न है; वही पहला भाव बनकर बाकी भावों का क्रम तय करती है। सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु, ये नौ ग्रह किसी राशि और किसी भाव में बैठकर जीवन के अलग-अलग पहलुओं का संकेत देते हैं।

चंद्रमा की स्थिति से आपकी राशि और जन्म नक्षत्र निकलते हैं। नामकरण में पहला अक्षर, विवाह मिलान और रोज़ का राशिफल, सब इसी नक्षत्र पर टिके हैं।

लग्न कुंडली और नवांश

मुख्य कुंडली लग्न कुंडली (D1) है। उसके साथ वैदिक ज्योतिष वर्ग कुंडलियों का प्रयोग करता है, जो जीवन के किसी एक हिस्से को बड़ा करके दिखाती हैं। इनमें सबसे अहम नवांश (D9) है: हर राशि के नौ भाग करके इसे विवाह, भीतरी बल और ग्रह की असली गुणवत्ता के लिए पढ़ा जाता है। जीविका के लिए दशमांश (D10) और संतान के लिए सप्तमांश (D7) भी देखे जाते हैं। कहावत है कि लग्न में कमज़ोर ग्रह नवांश में बली हो तो अच्छा फल देता है।

दशा: कब क्या होगा

विंशोत्तरी दशा पद्धति 120 वर्ष के जीवन-चक्र को ग्रहों की अवधियों में बाँटती है। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, उसी से पहली दशा तय होती है; जैसे अश्विनी में जन्मे व्यक्ति की शुरुआत केतु की दशा से होती है। हर महादशा अंतर्दशाओं में बँटती है, जिससे दिखता है कि अभी कौन-सा ग्रह सक्रिय है और आगे कौन आएगा। ज्योतिषी दशा और गोचर को साथ रखकर समय का निर्णय करते हैं।

योग और दोष

ग्रहों का ऐसा मेल जो पहचाना हुआ फल दे, योग कहलाता है: चंद्रमा से केंद्र में बृहस्पति हो तो गजकेसरी योग, केंद्र और त्रिकोण के स्वामी मिलें तो राजयोग। जिस स्थिति में परंपरा सावधानी बरतने को कहती है, वह दोष है, जैसे विवाह मिलान में देखा जाने वाला मांगलिक दोष। हम आपकी कुंडली के मुख्य योग और दोष गिनाते हैं और बताते हैं कि कौन-सी शर्तें उन्हें बल देती हैं या भंग करती हैं।

कुंडली की शैली चुनें

एक ही कुंडली अलग-अलग तरह से बनाई जा सकती है। उत्तर भारतीय कुंडली में भाव हीरे के आकार में स्थिर रहते हैं और राशियों के अंक बदलते हैं; दक्षिण भारतीय कुंडली में राशियाँ चौकोर खानों में स्थिर रहती हैं; पूर्व भारत की अपनी बनावट है। जब चाहें शैली बदलें, ग्रह-स्थिति वही रहती है।

सटीकता और जन्म समय

लग्न लगभग दो घंटे में एक राशि पार कर लेता है, इसलिए जन्म समय मायने रखता है। जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल के अभिलेख का समय इस्तेमाल करें। पुराने घरों में पंडित जी की लिखी जन्मपत्री में समय घड़ी-पल या इष्टकाल में होता है; उसे घंटे-मिनट में बदलकर डाल सकते हैं। समय मोटा-मोटा हो तो राशि और नक्षत्र प्रायः सही रहते हैं, पर लग्न और दशा की तारीख़ें खिसक सकती हैं। ऐसी कुंडलियों पर हम निशान लगाते हैं।

जन्म के क्षण का आकाश

बच्चे के जन्म पर उसी घड़ी का आकाश लिख लेना हमारे घरों की पुरानी रीत है; छठी और नामकरण तक पंडित जी जन्मपत्री तैयार कर देते थे। पराशर का होरा शास्त्र और वराहमिहिर का बृहज्जातक कहते हैं कि पहली साँस के क्षण में ग्रह जीव पर अपनी छाप छोड़ते हैं। सूर्य प्राण-शक्ति का और समुद्र में ज्वार उठाने वाला चंद्रमा मन का स्वामी है, यह ऋषियों की दृष्टि है; लाल कपड़े में लिपटी जन्मपत्री को पूजा की अलमारी में सँभालकर रखना इसी आस्था का प्रतीक है।

जन्म कुंडली कैसे बनाएँ

  1. जानकारी भरें. नाम, जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान लिखें।
  2. शैली चुनें. उत्तर, दक्षिण या पूर्व भारतीय बनावट चुनें; बाद में बदल सकते हैं।
  3. सार पढ़ें. पहले लग्न, राशि, नक्षत्र और चल रही दशा देखें।
  4. विस्तार में जाएँ. ग्रह-स्थिति, नवांश और दूसरी वर्ग कुंडलियाँ, योग और दोष खोलें।
  5. सहेजें या छापें. खाते में प्रवेश करके कुंडली सहेजें, या पीडीएफ़ के रूप में छापें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन-सी जानकारी चाहिए?

जन्म तिथि, जितना हो सके उतना सटीक जन्म समय और जन्म स्थान। स्थान से हम उसका अक्षांश, देशांतर और समय-क्षेत्र निकालते हैं।

क्या जन्म कुंडली और जातकम एक ही हैं?

हाँ। हिंदी में कुंडली या जन्मपत्री, तमिल में जादगम, मलयालम और तेलुगु में जातकम। सबका अर्थ जन्म कुंडली ही है।

मेरा लग्न क्या है?

जन्म के समय पूर्व में उदय हो रही राशि लग्न है। यही कुंडली का आरंभ बिंदु है और शरीर, स्वभाव और जीवन की सामान्य दिशा बताता है।

राशि और लग्न में क्या अंतर है?

चंद्रमा जिस राशि में था, वह आपकी राशि है; क्षितिज पर उदय हो रही राशि लग्न है। बहुत लोगों की राशि और लग्न अलग होते हैं।

पश्चिमी राशि और वैदिक राशि अलग क्यों है?

वैदिक ज्योतिष निरयन राशिचक्र मानता है, जो पश्चिमी सायन राशिचक्र से इस समय लगभग 24 अंश पीछे है। इसलिए ज़्यादातर लोगों की सूर्य राशि एक राशि पीछे आ जाती है।

नवांश कुंडली किस काम आती है?

नवांश (D9) विवाह, जीवनसाथी और हर ग्रह के असली बल के लिए पढ़ी जाती है। लग्न कुंडली में कमज़ोर ग्रह नवांश में अच्छी जगह हो तो अपेक्षा से बेहतर फल देता है।

अभी मेरी कौन-सी दशा चल रही है?

चल रही महादशा और अंतर्दशा आरंभ और समाप्ति की तारीख़ों के साथ कुंडली में दिखती हैं। दशा-स्वामी कुंडली में जहाँ बैठा है, वही उस अवधि के विषय बताता है।

क्या मेरी कुंडली में मांगलिक दोष है?

लग्न, चंद्र या शुक्र से पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल हो तो परंपरा उसे मांगलिक कहती है। शास्त्रों में कई परिहार बताए गए हैं; जो आप पर लागू होते हैं, वे हम दिखाते हैं।

कौन-सी शैली इस्तेमाल करूँ?

जिसकी आपके परिवार या ज्योतिषी को आदत हो: उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में उत्तर भारतीय, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र में दक्षिण भारतीय, बंगाल और ओडिशा में पूर्व भारतीय। फल वही रहता है।

क्या कुंडली सहेजकर छाप सकते हैं?

हाँ। खाते में प्रवेश करके अपनी और परिवार की कुंडलियाँ सहेजें, और छपाई विकल्प से कुंडली की पीडीएफ़ प्रति लें।

जन्म समय पता न हो तो?

अनुमानित समय से भी कुंडली बन सकती है। किसी अहम फलादेश के लिए ज्योतिषी बीती घटनाओं से जन्म समय का शोधन करने का प्रयास कर सकते हैं।

कौन-सा अयनांश लगता है?

पहले से लाहिड़ी (चित्रापक्ष)। आपकी परंपरा दूसरा मानती हो तो व्यवस्था में बदलें।

कुंडली जन्म स्थान की बनती है या अभी के शहर की?

जन्म स्थान की। जन्म कुंडली कभी नहीं बदलती। रोज़ का फल और गोचर आपके मौजूदा शहर से गिने जाते हैं।